सोमवार, 13 मई 2013

वन्देमातरम

2 टिप्‍पणियां:

  1. .सार्थक भावनात्मक अभिव्यक्ति . .आभार अक्षय तृतीया की शुभकामनायें!.अख़बारों के अड्डे ही ये अश्लील हो गए हैं .

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  2. बहुत सही कहा .पर सही बात सुननेवाले होते तो आज नौबत यहाँ तक नहीं आती !

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